Mark Zuckerberg का 'AI महायज्ञ'! 12 हज़ार करोड़ लगाकर 'मेटा' बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर!
फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी 'मेटा' ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस जीतने के लिए कमर कस ली है। कंपनी अमरीका के टेक्सस में 1.5 अरब डॉलर (लगभग ₹12,400 करोड़) का निवेश करके 'एक गीगावाट' का विशाल डेटा सेंटर बना रही है। यह AI के पारंपरिक और भविष्य के उपकरणों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। जानिए 'सुपर-इंटेलिजेंस' के लिए मेटा का यह बड़ा दांव और इसकी ख़ासियतें!
AI की रेस जीतने को मेटा का बड़ा दांव: टेक्सस में बनेगा 'एक गीगावाट' का विशाल डेटा सेंटर!
सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है। कंपनी अमरीका के टेक्सस राज्य के एल पासो शहर में एक गीगावाट की क्षमता वाला एक विशाल नया डेटा सेंटर बनाने जा रही है।
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यह मेटा का 29वाँ डेटा सेंटर होगा।
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कंपनी ने कहा है कि इस केंद्र को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह न केवल आज के पारंपरिक सर्वर को संभालेगा, बल्कि भविष्य की AI-सक्षम मशीनों के लिए भी तैयार रहेगा।
भारी भरकम निवेश और रोज़गार
Meta ने बताया कि इस नए डेटा सेंटर को बनाने में वह 1.5 अरब डॉलर (लगभग 12,400 करोड़ रुपये) से अधिक खर्च करेगी।
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यह केंद्र 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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इसके चालू होने पर लगभग 100 ऑपरेशनल नौकरियाँ पैदा होंगी।
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निर्माण के चरम पर 1,800 से अधिक निर्माण श्रमिक यहाँ काम करेंगे।
मेटा पहले ही टेक्सस के अपने तीन डेटा सेंटरों में 10 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है।
हरित ऊर्जा और पर्यावरण प्रेम
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एल पासो का यह डेटा सेंटर 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का उपयोग करेगा।
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मेटा ने यह भी वादा किया है कि वह सेंटर में उपयोग किए जाने वाले पानी का 200% स्थानीय जल क्षेत्रों में बहाल (Restore) करेगी।
Mark Zuckerberg का बड़ा नज़रिया
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क ज़ुकरबर्ग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि AI पर "कम खर्च करने की तुलना में अधिक खर्च करना बेहतर है", क्योंकि 'सुपर-इंटेलिजेंस' के उभरने का मौका चूकने का जोखिम वित्तीय बर्बादी के जोखिम से कहीं अधिक बड़ा है।
कंपनी ने इस साल 72 अरब डॉलर का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) करने का भी संकल्प लिया है। मेटा आक्रामक रूप से AI पर ध्यान केंद्रित कर रही है और ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही है।
सुपर-इंटेलिजेंस (या एजीआई) वह काल्पनिक अवस्था है, जहाँ AI सिस्टम अधिकांश काम मनुष्यों के समान या उनसे भी बेहतर दक्षता से कर सकते हैं। दुनिया की सभी बड़ी AI प्रयोगशालाएँ इसे हासिल करने के लिए भारी-भरकम रकम खर्च कर रही हैं।
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